जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया

नई दिल्ली:  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला की हिरासत  में लिया गया है। उनकी हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक सप्ताह का नोटिस देकर जवाब देने के लिए  कहा है। रविवार रात को ही फारुक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में ले लिया गया। बता दें, फारुक अब्दुल्ला की तथाकथित 'हिरासत' को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार से एक हफ्ते में जवाब मांगा गया है। 

राज्यसभा सांसद वाइको की याचिका पर मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने सुनवाई की। याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार से पूछा 'क्या वो हिरासत में हैं?' इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा हम सरकार से निर्देश लेंगे। वाइको के वकील ने कोर्ट से कहा कि फारुक अब्दुल्ला बाहर नहीं निकल सकते, कश्मीर में अधिकारों का हनन हो रहा है। कोर्ट ने वकील से कहा कि अपनी आवाज तेज ना करें। सुप्रीम कोर्ट ने वाइको की फारुक अब्दुल्ला को रिहा करने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि नोटिस की जरूरत नहीं है। इस मामले पर 30 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। 

Atiya

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